सपनों में खो जाऊं मेरे श्याम तुम्हे देखूं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सपनों में खो जाऊं मेरे श्याम तुम्हे देखूं,

मेरे श्याम तुम्हे देखूं घनश्याम तुम्हे देखूं,

सपनों में खो जाऊं.....

सावन का महीना हो पचरंगी झूला हो,

झूला पर झूलाते हुए मेरे श्याम तुम्हे देखूं,

सपनों में खो जाऊं.....

जमुना का किनारा हो गोपियों का नहाना हो,

चीरों को चुराते हुए मेरे श्याम तुम्हे देखूं,

सपनों में खो जाऊं.....

ऊंचा सा छीका हो छींके पर मटकी हो,

माखन को चुराते हुए मेरे श्याम तुम्हे देखूं,

सपनों में खो जाऊं.....

फागुन का महीना हो होली का मेला हो,

रंगों को उड़ाते हुए मेरे श्याम तुम्हें देखू,

सपनों में खो जाऊं......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।