अम्बे अम्बे जपो चली आएगी भवानी

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

अम्बे अम्बे जपो चली आएगी भवानी,

अम्बे अम्बे रटो चली आएगी भवानी,

आएगी भवानी चली आएगी भवानी,

आएगी भवानी चली आएगी भवानी,

अम्बे अम्बे जपों चली आएगी भवानी....

ब्रम्हा जी पुकारे और पुकारे ब्रम्हाणी,

विष्णु जी पुकारे और पुकारे लक्ष्मी रानी,

अम्बे अम्बे जपों चली आएगी भवानी....

रूद्र मेरे शिवशम्भु माँ है रुद्राणी,

आगे लंगर पीछे भैरव बिच में महारानी,

अम्बे अम्बे जपों चली आएगी भवानी....

कंचन काया होगी जो आएगी कात्यानी,

ममतामई है मैया हम है अज्ञानी,

अम्बे अम्बे जपों चली आएगी भवानी....

राम जी पुकारे और पुकारे सीता रानी,

मांग लेंगे वर मेरी माँ है वरदानी,

अम्बे अम्बे जपों चली आएगी भवानी....

छोड़ दे पाखंड नाम जपले तू प्राणी,

होगी रे सफल तेरी बाकी जिंदगानी,

अम्बे अम्बे जपों चली आएगी भवानी....

करुणा की सागर ये ही माता कल्याणी,

दीनो को दयाल करे वैष्णो रानी,

अम्बे अम्बे जपों चली आएगी भवानी....

सदा नाम माई का ये दुनिया है फानी,

नहीं देखा मैंने मैया तुमसा भी दानी,

अम्बे अम्बे जपों चली आएगी भवानी....

बोल ना तू बड़े बोल होगा अभिमानी,

महिमा ना जाए मेरी मैया की बखानी,

अम्बे अम्बे जपों चली आएगी भवानी....

करेगी कमाल मेरी कमलारानी,

मंगल करेगी बन मंगलरानी,

अम्बे अम्बे जपों चली आएगी भवानी.....

जपले तू नाम चाँद शुद्ध होगी वाणी,

सुनके पुकार तेरी आई माता रानी,

अम्बे अम्बे जपों चली आएगी भवानी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।