राम ने रथ को हांक दियो है

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम ने रथ को हाँक दियो है,

लक्ष्मण चल दियो साथ भजो भई रामा.....

एक वन चालो दूजो वन चालो,

तीजो में लग गयी प्यास भजो भई रामा,

लक्ष्मण चल दियो साथ भजो भई रामा.....

ऐसा नाही है कोई इस नगरी में,

जो प्यासे को नीर पिलाये भजो भई रामा,

लक्ष्मण चल दियो साथ भजो भई रामा……

माज धोये बच्चे नीर भर लाये भजो भाई रामा,

लेलो जी नीर पियो भाई भजो भई रामा,

लक्ष्मण चल दियो साथ भजो भई रामा.....

तेरे हाथ का बच्चा जल नहीं पीवे,

तो पिता का नाम बताओ भजो भई रामा,

लक्ष्मण चल दियो साथ भजो भई रामा.....

पिता का नाम तो हम नहीं जाने,

माता का सीता नाम भजो भई रामा,

लक्ष्मण चल दियो साथ भजो भई रामा.....

ले चल बेटा उस नगरी में,

जहां बेस सीता नार भजो भई रामा,

लक्ष्मण चल दियो साथ भजो भई रामा.....

एक वन नागयो दूजा वन नागयो,

तीजे में पहुंच जाए भजो भई रामा,

लक्ष्मण चल दियो साथ भजो भई रामा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।