बाबा अब तो बुला लो ना द्वार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाबा अब तो बुला लो ना द्वार,

दर तेरे आने को तरसे है ये दिल,

तड़पे है बारम्बार,

बाबा अब तो बुला लो ना द्वार.....

बैठ गए हो खाटू नगरिया,

भक्तों को काहे सताये,

ना संदेस ना कोई खबरिया,

ग्यारस भी छूटी जाए,

डूब जायेगा प्रेमी ये तेरा,

अब तो सुन लो पुकार,

बाबा अब तो बुला लो ना द्वार.....

भर भर बुलाये खाटू की गलियां,

मुझको ही क्यों ना बुलाये,

छट पट तड़पे प्रीत हमारी अज्जू के आंसू,

मोरछड़ी लहरा दो बाबा,

कट जाए संकट हज़ार,

बाबा अब तो बुला लो ना द्वार.....

दर तेरे आएं तो कस के पकड़ना छूटे ना मेरो हाथ,

नाम जगत में वैसे ही तेरो हारे को देता तू साथ,

मैं हारयो तो हारे को तू ही कर दीजो बेड़ो पार,

बाबा अब तो बुला लो ना द्वार,

बाबा अब तो सुनलो पुकार.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।