हम हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

हम हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा,

हम हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा....

थे नल नील जाति के वानर,

राम नाम लिख दिए शिला पर,

हो गयी सेना पार लेकर नाम तेरा,

हम हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा....

बाल्मीक अति दीन हीन थे,

बुरे कर्म में सदा लीं थे,

करी रामायण तैयार लेकर नाम तेरा,

हम हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा....

भरी सभा में द्रुपद दुलारी,

कृषण द्वारिका नाथ पुकारी,

बढ़ गया चीर अपार लेकर नाम तेरा,

हम हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा.....

गज ने आधा नाम पुकारा,

गरुड़ छोड़ कर उसे उबारा,

किया ग्राह संहार लेकर नाम तेरा,

हम हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा.....

मीरा गिरधर नाम पुकारी,

विष अमृत कर दिए मुरारी,

खुल गए चारो द्वार लेकर नाम तेरा,

हम हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा......

राम नाम को जो कोई गावे,

अपने तीनो लोक बनावे,

ये है जीवन का सार लेकर नाम तेरा,

हम हो गए भव से पार लेकर नाम तेरा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।