गणपति महाराज बनाये बिगड़े काज

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

( माइ फ्रेंड गणेशा,

वक्रतुंड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभः

निर्विध्नं कुरुमेदेव सर्वकार्येषु सर्वदा। )

गणपति महाराज बनाये बिगड़े काज,

मूषक है सवारी क्या निराला है अंदाज़,

गणपति बप्पा सब देवों में देवता निराले हैं,

लडडू इनको प्यारे है बड़े ही भोले भाले है.....

रिद्धि सिद्धि संग लेके जिनके घर मे आते हैं,

दुख का विनाश होता भाग्य खुल जाते हैं,

ज्ञान का भंडार और बुध्दि देने वाले हैं,

लडडू इनको प्यारे है बड़े ही भोले भाले हैं......

शिव शम्भू के लाडले हैं गउरा के दुलारे हैं,

माइ फ्रेंड गणेशा कहते बच्चों को भी प्यारे हैं,

अंधेरों को दूर करके ले आते उजाले हैं,

लडडू इनको प्यारे हैं बड़े ही भोले भाले हैं.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।