राम की सेना का बन कर के नायक

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

राम की सेना का बन कर के नायक सेना की हिम्मत बढ़ाते हैं,

हाथों में लेकर बजरंगबली भगवा ध्वज लहराते हैं,

राम की सेना का बन कर के नायक सेना की हिम्मत बढ़ाते हैं....

लंका पे करने को चढ़ाई राम जी की सेना चली है,

अगुवाई बानरों की करते देखो चले बजरंग बली है,

यही चले मन में ठाने मैया सीता जी को लाने जोश ए जूनून में सभी,

देख के उत्साह सेना की अपने राम लखन मुस्काते हैं,

राम की सेना का बन कर के नायक सेना की हिम्मत बढ़ाते हैं....

सुग्रीव नल नील भी विजय लक्ष्य अपने मन में लेकर,

चलते सभी शान से साहस एक दूजे को देकर,

लक्ष्य एक ही है यही बात मिल के सब ने कही तोड़ेंगे घमंड रावण का,

ललकार सुन के राम जी की सेना का राक्षस सभी घबराते हैं,

राम की सेना का बन कर के नायक सेना की हिम्मत बढ़ाते हैं.....

खुश होके सारे देवता हैं फूलों की वर्षा करते इन पर,

नंगे पाँव प्रभु राम के मिलके सभी चूमते हैं कंकर,

दृश्य बड़ा पावन है अति मन भावन है, धरती की जय घोष से,

जय श्री राम का विजय जैकारा कुंदन सब मिलके लगाते हैं,

राम की सेना का बन कर के नायक सेना की हिम्मत बढ़ाते हैं......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।