मुझे अपना पड़ोसी बना लो

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मेरी कोठी तो बनवा दो के सालासर धाम बालाजी,

सालासर धाम बालाजी, मेहंदीपुर धाम बालाजी,

मुझे अपना पड़ोसी बना लो के अंजनी के लाल बालाजी....

राम नाम की ईंट लगवा दो,

कोठी का रंग सिंदूरी करा दो,

ऊपर लाल ध्वजा लहरा दो अंजनी के लाल बालाजी,

मेरी कोठी तो बनवा दो के सालासर धाम बालाजी.....

कोठी का गेट खुले तेरे दरबार में,

दर्शन पाऊं बाबा सुबह और शाम में,

मेरी ऐसी मौज करा दो अंजनी के लाल बालाजी,

मेरी कोठी तो बनवा दो के सालासर धाम बालाजी......

गर्मी ना लागे ऐसी कमरा बनवा दो,

खाने को फल ऐसे बाग लगवा दो,

मेरे ऐसे ठाट करा दो अंजनी के लाल बालाजी,

मेरी कोठी तो बनवा दो के सालासर धाम बालाजी....

पीने को दूध होवे‌ खाने को खीर जी,

देसी गाय का घी सब्जी पनीर की,

घर पर दो चार गाय बंधवा दो के अंजनी के लाल बालाजी,

मेरी कोठी तो बनवा दो के सालासर धाम बालाजी....

तेरे हुक्म का हरदम दावेदार जी,

दुनिया में गाऊ बाबा तेरी जय जयकार जी,

हम भक्तों को शरण लगा लो के अंजनी के लाल बालाजी,

मेरी कोठी तो बनवा दो के सालासर धाम बालाजी....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।