ओ वेखो आ गया जगत दा वाली

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

ओ वेखो आ गया जगत दा वाली, मेहरा दा वेखो मीह वसया,

जिहने हर लई चिंता सारी, मेहरा दा वेखो मीह वसया.....

आया जगत दा पालनहार सबसे संगता किता उद्दार,

जिहने हर लई चिंता सारी, मेहरा दा वेखो मीह वसया.....

नजर मेहर दी जिसते करदे, जनमा दे दुखड़े पल विच हरदे,

जिहने हर लई चिंता सारी, मेहरा दा वेखो मीह वसया.....

तू सुल्तान असी मंगते तेरे आन डिगे गुरु जी दर ते तेरे,

किवे हर लई चिंता सारी, मेहरा दा वेखो मीह वसया.....

सबदे रक्षक जग दे वाली, भर दित्ती तूसी झोली खाली,

जिहने हर लई चिंता सारी, मेहरा दा वेखो मीह वसया,

हो आ गया जगत दा वाली, मेहरा दा वेखो मीह वसया......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।