मेरा बाबा बालक नाथ

पारंपरिक
महादेव भजन बाबा बालक नाथ भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कलयुग दे विच आ गया, इक छोटा जेया नाथ,

बाबा बालक नाथ मेरा बाबा बालक नाथ.....

हथ विच जिसदे चिमटा सजदा,

भगतां दे दुःख नू ओ हरदा,

देओत सिद्ध विच रेह्न्दा है ओ,

जग दा ओ पालनहार,

बाबा बालक नाथ मेरा बाबा बालक नाथ.....

माँ रत्नो दे घर विच आके,

बारह साल दा क़र्ज़ चूका के,

माँ रत्नो नू दर्श दिखा के,

कर गया बेड़ा पार,

बाबा बालक नाथ मेरा बाबा बालक नाथ.....

महिमा ‘शिवम् विर्क’ है लिखदा,

गा के उसनु ‘मनी’ है कहंदा,

जोगी उसनु तार देंदा है,

नाम जपे जो दिन रात,

बाबा बालक नाथ मेरा बाबा बालक नाथ.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।