माँ के दर्शन पाएंगे

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

माँ के पावन नवरात्रो में, माँ की ज्योत जलाएंगे,

ओढ़ चुनरियाँ मईया आयी, माँ के दर्शन पाएंगे।।

लाल चुनरियाँ ओढ़ के मईया आएगी जब मेरे अंगना,

माँ के चरणों से लिपटूंगा, पूरा करेगी मेरा सपना,

कन्या रूप में माँ को पूजकर,

माँ का भोग लगाएंगे, माँ की ज्योत जलाएंगे,

ओढ़ चुनरियाँ मईया आयी, माँ के दर्शन पाएंगे।।

लांगुर ठुमक ठुमक कर नाचे, शिव शंकर का डमरू बाजे,

चारो दिशाओ में ये शोर है, नारद जी की वीणा वाजे,

ब्रह्मा विष्णु मिल कर के सब, मईया के गुण गाएंगे,

ओढ़ चुनरियाँ मईया आयी, माँ के दर्शन पाएंगे।।

माँ के पावन नवरात्रो में, माँ की ज्योत जलाएंगे,

ओढ़ चुनरियाँ मईया आयी, माँ के दर्शन पाएंगे.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।