भक्तों को दर्शन दे गया रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भक्तों को दर्शन दे गया रे मेरा शीश का दानी,

शीश का दानी ये है महा बलवानी,

सबके मन को भा गया रे मेरा शीश का दानी,

भक्तों को दर्शन दे गया रे.....

भक्तों ने पूछा बाबा नाम तेरा क्या है,

खाटूवाला बता गया रे मेरा शीश का दानी,

भक्तों को दर्शन दे गया रे......

भक्तों ने बाबा बाबा धाम तेरा क्या है,

खाटू धाम बता गया रे मेरा शीश का दानी,

भक्तों को दर्शन दे गया रे.....

भक्तों ने पूछा सवारी तेरी क्या है,

लीला घोडा बता गया रे मेरा शीश का दानी,

भक्तों को दर्शन दे गया रे.....

भक्तों ने पूछा श्रृंगार तेरा क्या है,

केसरिया बागा बता गया रे मेरा शीश का दानी,

भक्तों को दर्शन दे गया रे......

भक्तों ने पूछा बाबा भोग तेरा क्या है,

खीर चूरमा बता गया रे मेरा शीश का दानी,

भक्तों को दर्शन दे गया रे.....

भक्तों ने पूछा बाबा प्यारा तुझे क्या है,

भक्ति भाव बता गया रे मेरा शीश का दानी,

भक्तों को दर्शन दे गया रे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।