हनुमान कूद गए लंका में

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मैंने सपनो देखो रात हो रात हनुमान कूद गए लंका में,

हनुमान कूद गए लंका में, हनुमान कूद गए लंका में,

मैंने सपनो देखो रात हो रात हनुमान कूद गए लंका में.....

देखत मैं छोटो छोटो सो,

वो तो गोल-गोल और मोटा सो,

वाके लंबे लंबे बाल हो बाल, हनुमान कूद गए लंका में,

मैंने सपनो देखो रात हो रात हनुमान कूद गए लंका में.....

बांने फल खाए और बाघ उजाड़े,

बड़े बड़े वाले राक्षस मारे,

वाने मारे अक्षय कुमार हो कुमार, हनुमान कूद गए लंका में,

मैंने सपनो देखो रात हो रात हनुमान कूद गए लंका में.....

बाने लंबी पूंछ बढ़ाए दई,

और लंका जाए जलाए दई,

सागर में लाई बुझाए हो बुझाए, हनुमान कूद गए लंका में,

मैंने सपनो देखो रात हो रात हनुमान कूद गए लंका में.....

वो लौट बाग में आया है,

सीता को हाल सुनाया है,

मैया दे दिया आशीर्वाद हो आशीर्वाद हनुमान कूद गए लंका में,

मैंने सपनो देखो रात हो रात हनुमान कूद गए लंका में.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।