श्याम के जयकारों से

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज़ : सौ‌ साल पहले मुझे तुमसे प्यार था

लहराये देखो कैसे लाखों निशान हैं,

श्याम के जयकारों से गूंजे जहान् है.....

खाटू के मेले की महिमा तीन लोक गायें,

वो खुशियां लुटा रहा लूटने भक्त सभी आये,

मस्ती में हर इक बूढ़ा बच्चा जवान है,

श्याम के जयकारों से गूंजे जहान् है......

होली सब खेलन को सांवरा के संग आये हैं,

बाबा को हर प्रेमी प्रेम से रंग लगाये है,

झूमें सभी फिर ऐसी चंग की तान हैं,

श्याम के जयकारों से गूंजे जहान् है.....

सांवरिया श्याम मेरा सेठ सेठो का कहलायें,

पूरी अरदास करे हर इक दामन भर जाये,

"राघव" पुकारे जो भी देता ये ध्यान है,

श्याम के जयकारों से गूंजे जहान् है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।