बस तू ही नज़र आये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मन रोये मेरा जब भी तब ओ मेरे सांवरे,

मुझे तू नज़र आये बस तू ही नज़र आये,

तक़दीर से मैं अपनी बैठु जब हार के,

मुझे तू नज़र आये बस तू ही नज़र आये.....

किस्मत में जो था ही नहीं तूने वो भी दिया,

कैसे करूँ बाबा मेरे मैं तेरा शुक्रिया,

बस यूँ ही बरसती रहे तेरी कृपा ओ सांवरे,

उलझन मेरी सारी एक तू ही तो सुलझाए,

मन रोये मेरा जब भी....

जबसे मेरा मन तेरे भजनो में बाबा खोने लगा है,

तबसे प्रभु जीवन मेरा संवरने लगा है,

दिन रात तेरा सुमिरन बस करता हूँ सांवरे,

तेरी याद में सारी ये उम्र गुज़र जाए,

मन रोये मेरा जब भी.....

इतनी सी दया रखना प्रभु फिर से ये जनम मिले,

बन के रहूं प्रेमी तेरा तेरा ही धाम मिले,

चरणों में यही विनती बस करता हूँ सांवरे,

हर एक जनम तेरी बाबा सेवा मिल जाए,

मन रोये मेरा जब भी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।