सखी री जहां जन्मे श्री भगवान्

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

धन-धन अवध की नगरिया,

सखी री जहां जन्मे श्री भगवान......

माता कौशल्या ने राम को जन्मा,

केकई ने भरत ललनवा, सखी री जहां जन्मे भगवान....

माता सुमित्रा ने लखन शत्रुघ्न,

घर-घर बजत बधइयां, सखी री जहां जन्मे श्री भगवान.....

राजा दशरथ जी मोहरे लुटावे,

नाचे अवध के बसैया, सखी री जहां जन्मे श्री भगवान्.....

केकई सुमित्रा पलना झूलावे,

कौशल्या लेत बलईया, सखी री जहां जन्मे श्री भगवान....

ब्रह्मा शंकर दर्शन पावे,

सज रही अवध नगरिया, सखी री जब जन्मे श्री भगवान.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।