मुझे दर्श दिखा जाना

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया नवरात्रों में मेरे घर भी चली आना,

दर्शन की इच्छा है मुझे दर्श दिखा जाना,

मैया नवरात्रों में....

ऊँचे ऊँचे आसन पे माँ तुमको बिठाऊँगी,

आसन पे बैठ के माँ दो बता बता जाना,

दर्शन की इच्छा है मुझे दर्श दिखा जाना,

मैया नवरात्रों में.....

हरी हरी चूड़ियाँ और श्रृंगार मंगाऊँगी,

माथे पे कुमकुम का माँ टीका लगा जाना,

दर्शन की इच्छा है मुझे दर्श दिखा जाना,

मैया नवरात्रों में....

हवले चने का भोग अपने हाथो से बनाऊँगी,

तू कंजक के रूप में खुद भोग लगा जाना,

दर्शन की इच्छा है मुझे दर्श दिखा जाना,

मैया नवरात्रों में....

अपने पति के संग में तेरे व्रत करुगी माँ,

सदा सुहागन का मुझ वरदान दे जाना,

दर्शन की इच्छा है मुझे दर्श दिखा जाना,

मैया नवरात्रों में....

जोर से बोलो जय माता दी

सारे बोलो जय माता दी

मिलकर बोलो जय माता दी

माँ शेरोवाली जय माता दी

माँ जोतावाली जय माता दी

माँ आंबे रानी जय माता दी

शेरोवाली जय माता दी

आंबे रानी जय माता दी

माँ जोतावाली जय माता दी

माँ भोली भली जय माता दी

जोर से बोलो जय माता दी

आये नवरात्री जय माता दी

भरे भंडारे जय माता दी

माँ भाग सवारे जय माता दी

माँ पार उतारे जय माता दी

जरा प्यार से बोलो जय माता दी

सब मिलकर बोलो जय माता दी

बच्चे बोले जय माता दी

बूढ़े बोले जय माता दी

भाई बोले जय माता दी

बहने बोले जय माता दी

पानी बोले जय माता दी

हवा भी गाये जय माता दी

शोर मचाये जय माता दी

पक्षी बोले जय माता दी

शोर मचाये जय माता दी

प्रेम से बोलो जय माता दी

आये नवराते जय माता दी

घर घर जगराते जय माता दी

मैया नवरात्रों में मेरे घर भी चली आना,

दर्शन की इच्छा है मुझे दर्श दिखा जाना,

मैया नवरात्रों में....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।