मईया जी मेरा भाग्य लिखदो

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

खोलो हिर्दय के ताले, मईया जी मेरा भाग्य लिखदो......

पहला भाग्य मेरे माथे पे लिखदो,

माथे पे लिखदो मेरे माथे पे लिखदो,

शीश झुकाउ बारम्बार, मईया जी मेरा भाग्य लिखदो,

खोलो हिर्दय के ताले, मईया जी मेरा भाग्य लिखदो......

दूजा भाग्य मेरे हिर्दय में लिखदो,

हिर्दय में लिखदो मेरे हिर्दय में लिखदो,

सिमरन करू मैं बारम्बार, मईया जी मेरा भाग्य लिखदो,

खोलो हिर्दय के ताले, मईया जी मेरा भाग्य लिखदो......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।