मईया मेरी आ जाओ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मईया मेरी आ जाओ, अब आपको बुलाया है,

मईया जी के मंदिर को मैंने फूलों से सजाया है......

मईया तू अम्बे है, मईया तू काली है,

मईया जगदम्बे है, तूने जगत रचाया है,

मईया जी के मंदिर को मैंने फूलों से सजाया है,

मईया मेरी आ जाओ......

मईया तू यमुना है, मईया तू सरयू है,

मईया तू गंगा है, पाप जग का मिटाया है,

मईया जी के मंदिर को मैंने फूलों से सजाया है,

मईया मेरी आ जाओ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।