आज मेरे घर आना भक्तों

पारंपरिक
श्री गणेश भजन दुर्गा भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

आज मेरे घर आना भक्तों आज मेरे घर कीर्तन है,

आज मेरे घर आना भक्तों…….

नींद तुम्हें तो आई होगी क्या देखा तुमने सपना,

सपने में मैंने गणपति देखे सिद्धि -कराये रहे मेरे अंगना,

आज मेरे घर आना भक्तों आज मेरे घर कीर्तन है,

आज मेरे घर आना भक्तों…..

नींद तुम्हें तो आई होगी क्या देखा तुमने सपना,

सपने में मैंने ब्रह्मा जी को देखा वेद सुनाये रहे मेरे अंगना,

आज मेरे घर आना भक्तों आज मेरे घर कीर्तन है,

आज मेरे घर आना भक्तों….

नींद तुम्हें तो आई होगी क्या देखा तुमने सपना,

सपने में मैंने शंकर जी को देखा डमरू बजाए रहे मेरे अंगना,

आज मेरे घर आना भक्तों आज मेरे घर कीर्तन है,

आज मेरे घर आना भक्तों….

नींद तुम्हें तो आई होगी क्या देखा तुमने सपना,

सपने में मैंने राम जी को देखा धनुष चलाये रहे मेरे अंगना,

आज मेरे घर आना भक्तों आज मेरे घर कीर्तन है,

आज मेरे घर आना भक्तों….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।