तुम अईयो कालका मैया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

अंगना में बाघ लगा दूंगी, तुम अईयो कालका मैया,

तुम अईयो कालका मैया, तुम अईयो कालका मैया,

अंगना में बाघ लगा दूंगी, तुम अईयो कालका मैया.....

एक पेड़ वापे कपास को लगाऊंगी,

मैया तेरी ज्योत बनाऊंगी, तुम अईयो कालका मैया,

तुम अईयो कालका मैया, तुम अईयो कालका मैया,

अंगना में बाघ लगा दूंगी, तुम अईयो कालका मैया.....

एक पेड़ वापे नींबू का लगाऊंगी,

मैया तेरा हार बनाऊंगी, तुम अईयो कालका मैया,

तुम अईयो कालका मैया, तुम अईयो कालका मैया,

अंगना में बाघ लगा दूंगी, तुम अईयो कालका मैया.....

एक पेड़ वापे लोंगो को लगाऊंगी,

मैया तेरी ज्योत पर चढ़ा आऊंगी, तुम अईयो कालका मैया,

तुम अईयो कालका मैया, तुम अईयो कालका मैया,

अंगना में बाघ लगा दूंगी, तुम अईयो कालका मैया.....

एक बेरवा में मरूवे को लगाऊंगी,

मैया तेरो खप्पर भरा आऊंगी, तुम अईयो कालका मैया,

तुम अईयो कालका मैया, तुम अईयो कालका मैया,

अंगना में बाघ लगा दूंगी, तुम अईयो कालका मैया.....

एक पेड़ पर झूला डलाऊगी,

लांगुर से झूटा दिलाऊगी, तुम अईयो कालका मैया,

तुम अईयो कालका मैया, तुम अईयो कालका मैया,

अंगना में बाघ लगा दूंगी, तुम अईयो कालका मैया.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।