करेंगे नौ दिन सेवा माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

करेंगे नौ दिन सेवा माँ की हम नौ रातो में,

करेंगे नौ दिन सेवा माँ की हम नौ रातो में,

जागेंगे माता रानी के संग जगरातो में,

प्यास बुझेगी मन की ममता की बरसातों में,

माँ की भक्ति माँ की पूजा नवरात्रो में काम नौ दिन नहीं दूजा,

माँ की भक्ति माँ की पूजा काम नौ दिन नहीं दूजा.....

हर सूरत फीकी लागे माँ की सूरत के आगे,

पल पल शीश झुकायेंगे माँ के मूरत के आगे,

माँ का रुतबा सबसे ऊँचा माँ का रुतबा सबसे ऊँचा,

माँ की भक्ति माँ की पूजा काम नौ दिन नहीं दूजा....

करेंगे नौ दिन सेवा माँ की हम नौ रातो में,

करेंगे नौ दिन सेवा माँ की हम नौ रातो में,

जागेंगे माता रानी के संग जगरातो में,

माँ की भक्ति माँ की पूजा काम नौ दिन नहीं दूजा…

गली गली में गुजंगे जब मईया के जैकारे,

बुरी बलाये टल जाएँगी मिटेंगे संकट सारे,

वही बोला जिससे पूछा काम नौ दिन नहीं दूजा,

ना जाने क्या दे जाए मईया सौगातो में,

करेंगे नौ दिन सेवा माँ की हम नौ रातो में,

जागेंगे माता रानी के संग जगरातो में,

माँ की भक्ति माँ की पूजा काम नौ दिन नहीं दूजा…

माँ के रंग में रंग जायेंगे माँ के दीवाने जोगी,

अब के बरस फिर जगदम्बे की सबपे किरपा होगी,

सबको ये ही मंत्र सुझा काम नौ दिन नहीं दूजा,

अब के बरस का वादा लेंगे बातों बातों में

करेंगे नौ दिन सेवा माँ की हम नौ रातो में,

जागेंगे माता रानी के संग जगरातो में,

माँ की भक्ति माँ की पूजा काम नौ दिन नहीं दूजा…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।