तेरी नौ दिन ज्योत जगाई माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरी नौ दिन ज्योत जगाई माँ दसवे दिन होवै विदाई माँ....

नौ दिन तक म्हारे रंग चा लागया,

दसवा दिन यो विदाई का आ गया,

तनै क्यू कर करा पराई माँ दसवे दिन होवै विदाई माँ,

तेरी नौ दिन ज्योत जगाई माँ दसवे दिन होवै विदाई माँ……

बरत करे तेरे कीर्तन गाये,

मन मैं फुले नही समाये,

तेरी चौके खूब सजाई माँ दसवे दिन होवै विदाई माँ,

तेरी नौ दिन ज्योत जगाई माँ दसवे दिन होवै विदाई माँ……

सुबह सुबह तेरी करी आरती,

तू भगता नै पार तारती,

तनै सबकी करी सहाई माँ दसवे दिन होवै विदाई माँ,

तेरी नौ दिन ज्योत जगाई माँ दसवे दिन होवै विदाई माँ……

महेंद्र भट्टी पालकी सजाली,

होवै विसर्जंन मैया चाली,

तेरी सबनै करी कढाई माँ दसवे दिन होवै विदाई माँ,

तेरी नौ दिन ज्योत जगाई माँ दसवे दिन होवै विदाई माँ…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।