शेरावाली दा जगराता जयकारा बोलो गली गली

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

शेरावाली दा जगराता जयकारा बोलो गली गली,

हो ज्योतावाली दा जगराता जयकारा बोलो गली गली.....

मथे मैया दे टिका सोहे,

टिका सोहे टिका सोहे,

तेरी बिंदी दा लश्कारा जयकारा बोलो गली गली,

शेरावाली दा जगराता जयकारा बोलो गली गली....

कन मैया दे बाली सोहे,

बाली सोहे काँटा सोहे,

तेरे कांटे ते लश्कारा जयकारा बोलो गली गली,

शेरावाली दा जगराता जयकारा बोलो गली गली.....

नक मैया दे नथनी सोहे,

नथनी सोहे कोका सोहे,

तेरे कोके ते लश्कारा जयकारा बोलो गली गली,

शेरावाली दा जगराता जयकारा बोलो गली गली....

गले मैया दे माला सोहे,

माला सोहे माला सोहे,

तेरे मोती ते लश्कारा जयकारा बोलो गली गली,

शेरावाली दा जगराता जयकारा बोलो गली गली....

हथ मैया दे कंगना सोहे,

कंगना सोहे चूड़ा सोहे,

तेरे चूड़े ते लश्कारा जयकारा बोलो गली गली,

शेरावाली दा जगराता जयकारा बोलो गली गली.....

पैर मैया दे पायल सोहे,

पायल सोहे पायल सोहे,

तेर घुँघरू ते लश्कारा जयकारा बोलो गली गली,

शेरावाली दा जगराता जयकारा बोलो गली गली.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।