चुन चुन के फूल ले आई बगिया से

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

चुन चुन के फूल ले आई बगिया से तोड़ के,

मैं माला इनकी बनाऊँ फूलों को जोड़ के.....

मैया तुम्हारे वास्ते मैं पायल ले आई मैं पायल ले आई,

बिछवे तेरे बनाऊँ,

फूलों को जोड़ के चरणों में तेरे प्रणाम है हाथों को जोड़ के,

चुन चुन के फूल ले आई बगिया से तोड़ के....

मैया तुम्हारे वास्ते मैं साडी ले आई मैं साडी ले आई,

चुनरी मे फुल बनालो,

फूलों को जोड़ के चरणों में तेरे प्रणाम है हाथों को जोड़ के,

चुन चुन के फूल ले आई बगिया से तोड़ के....

मैंया तुम्हारे वास्ते मैं कंगन ले आई मैं चूड़ी ले आई,

मेहंदी में फुल बना लो,

फूलों को जोड़ के चरणों में तेरे प्रणाम है हाथों को जोड़ के,

चुन चुन के फूल ले आई बगिया से तोड़ के....

मैया तुम्हारे वास्ते मैं हार ले आई मैं लाँकेट ले आई,

लाँकेट में फुल बनालो,

फूलों को जोड़ के चरणों में तेरे प्रणाम है हाथों को जोड़ के,

चुन चुन के फूल ले आई बगिया से तोड़ के....

मैंया तुम्हारे वास्ते मैं झुमके ले आई मैं झमके ले आई,

नथनी में फुल बनालो,

फूलों को जोड़ के चरणों में तेरे प्रणाम है हाथों को जोड़ के,

चुन चुन के फूल ले आई बगिया से तोड़ के....

मैंया तुम्हारे वास्ते मैं बिंदिया ले आई मैं मुकुटा ले आई,

टीके में फुल लगाओ,

फूलों को जोड़ के चरणों में तेरे प्रणाम है हाथों को जोड़ के,

चुन चुन के फूल ले आई बगिया से तोड़ के.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।