सानूं फेर बुलावी माइये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

सानूं फेर बुलावी माइये,

असी फेर आइये,

तेरा रज रज दर्शन पाइये असी फेर आइये,

सानूं फेर बुलावी.....

धन दौलत जागीर नईं मंगदे,

सच्ची गल्ल कैंदे नईं सँगदे,

सानूं ऐसे रंग विच रंगदे,

पल पल तेरा ध्यान लगाइये,

असी फेर आइये,

सानूं फेर बुलावी.....

छल कपट नूं दूर ही रक्खिये,

अपने सारे अवगुन तकिये,

मन्दा बोल सदा लई छडीए,

न वैर किसे नाल पाइये,

असी फेर आइये,

सानूं फेर बुलावी.....

रज़ा तेरी विच रज्ज के रहिये,

नाम दी चादर कज्ज के बहिये,

हर मुश्किल नूं हंस के सहिये,

माँ देख भटक ना जाइए,

असी फेर आइये,

सानूं फेर बुलावी.....

सच दे रस्ते चलदे जाना,

आवे सानूं कौल निभाना,

पूजन अर्चन आरती गाना,

बस तेरा शुकर मनाइये,

असी फेर आइये,

सानूं फेर बुलावी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।