माँ के दर्शन पायो

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

( शेरावाली मेहरावाली,

ज्योतावाली माँ,

सबका मंगल करने वाली,

दुर्गा काली माँ, दुर्गा काली माँ। )

सौलह श्रृंगार किये,

शेर पे सवार है,

मैया शेरावाली आज,

आई मेरे द्वार है,

आयो रे आयो रे आयो रे आयो,

आयो रे आयो रे आयो रे आयो,

आयो रे आयो रे आयो रे,

मैया के दिन आयो, आयो,

मैया के दिन आयो, आयो,

माँ के दर्शन पायो,

मैया के दिन आयो……..

कलश सजाओ आज सुहागन,

मंगल गान करो,

नौ दिन की नवरात्री आई,

माँ का मान करो,

माँ का ध्यान करो,

मैया जी आँखों में देखो भरा प्यार है,

आंचरा में माई के ममता दुलार है,

आयो रे आयो रे आयो रे आयो,

आयो रे आयो रे आयो रे आयो,

आयो रे आयो रे आयो रे,

मैया के दिन आयो, आयो,

मैया के दिन आयो, आयो,

मन उमंग भर आयो,

मैया के दिन आयो, आयो,

मैया के दिन आयो………..

बिन माँगे माँ सबकुछ देगी,

भर देगी भंडार,

सबके सारे दुःख हर लेगी,

माँ को है सबसे प्यार,

कर देगी बेड़ा पार,

मैया जी दयाली है सबपे कृपाली है,

माँ के दरबार में सभी तो सवाली है,

आयो रे आयो रे आयो रे आयो,

आयो रे आयो रे आयो रे आयो,

आयो रे आयो रे आयो रे,

मैया के दिन आयो, आयो,

मैया के दिन आयो, आयो,

माँ के दर्शन पायो,

मैया के दिन आयो………

सौलह श्रृंगार किये,

शेर पे सवार है,

मैया शेरावाली आज,

आई मेरे द्वार है,

आयो रे आयो रे आयो रे आयो,

आयो रे आयो रे आयो रे आयो,

आयो रे आयो रे आयो रे,

मैया के दिन आयो, आयो,

मैया के दिन आयो, आयो,

माँ के दर्शन पायो,

मैया के दिन आयो……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।