श्याम से दिल का लगाना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधे तू बड़ भागिनी कौन तपस्या कीन,

तीन लोक तारण तरन सो तेरे आधीन……..

श्याम से दिल का लगाना, कोई मजाक नहीं,

जीते जी जान से जाना, कोई मजाक नहीं,

श्याम से दिल का लगाना……

मोहब्बत जिनसे करते हैं, बिना देखे अचम्भा है,

मोहब्बत जिनसे करते हैं, बिना देखे अचम्भा है,

याद में आँसूं बहाना, कोई मजाक नहीं,

श्याम से दिल का लगाना…….

किसी के घर में लगी, आग तो देखी होगी,

किसी के घर में लगी, आग तो देखी होगी,

अपने घर आग लगाना, कोई मजाक नहीं,

श्याम से दिल का लगाना……..

असर अगर आह में हो, पत्थर भी पिघल जाते हैं,

असर अगर आह में हो, पत्थर भी पिघल जाते हैं,

असर वो आह में लाना, कोई मजाक नहीं,

श्याम से दिल का लगाना…….

किसी को कुछ भी कह देना, आसान है मगर,

किसी को कुछ भी कह देना, आसान है मगर,

सबकी चुपचाप सह जाना, कोई मजाक नहीं,

याद में आंसू बहाना, कोई मजाक नही,

श्याम से दिल का लगाना, कोई मजाक नहीं,

जीते जी जान से जाना, कोई मजाक नहीं,

श्याम से दिल का लगाना……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।