मईया नवरात्रों में जब धरती पे आती है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया नवरात्रों में, जब धरती पे आती है,

किसको है क्या देना, ये सोच के आती है,

मैया नवरात्रों मे, जब धरती पे आती है…..

पहले नवरात्रों में, माँ सबकी खबर लेती,

दूजे नवरात्रों में, अपने खाते में लिख लेती है,

तीजे नवरात्रों से, बात आगे बढ़ाती है,

मैया नवरात्रों मे, जब धरती पे आती है……..

चौथे नवरात्रों में, माँ आसान लगाती है,

पाँचवे नवरात्रों में, माँ आ गयी बताती है,

छटे नवरात्रों में, सबको दर्शन कराती है,

मैया नवरात्रों मे, जब धरती पे आती है……

सतवे नवरात्रों में, खोल देती खजाने है,

अठवे नवरात्रों से, लग जाती लूटाने है,

नव्वे नवरात्रों में, दोनो हाथो से लुटाती है,

मैया नवरात्रों मे, जब धरती पे आती है…….

दसवे दिन माता की, बिदाई जब आती है,

धरती के लोगो की, आँखे भर आती है,

रामा फिर आउंगी, वादा करके चली जाती है,

मैया नवरात्रों मे, जब धरती पे आती है……..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।