हम करै छि विनती

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हम करै छि विनती आहाँ के माँ,

ये सुधैर दिय हम्मर मती,

माँ सरस्वती माँ सरस्वती....

बाम अंग विणा धारे छी,

कर पुस्तक माला राखे छी,

सोभे सवारी हंस के,

श्रुति ज्ञान विस्व अधी पति,

माँ सरस्वती माँ भगवती....

देव वृन्द सीस नवाबइये,

सब मोन में बास करै छी ये,

करुणा मई भव तारिणी,

दिय ज्ञान हमरो भगवती,

माँ सरस्वती माँ भगवती....

घट घट में आहाँ के बॉस छै,

सृष्टि में आहाँ के राज छै,

सेवक बनल प्यासा सदा,

दूर क दिय माँ कुमति,

माँ सरस्वती माँ भगवती....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।