मैं तो तेरी हो गई मात दुनिया क्या जाने

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैं तो तेरी हो गई मात दुनिया क्या जाने,

क्या जाने कोई क्या जाने,

मैं तो तेरी हो गई मात दुनिया क्या जाने....

जब से लगाई तेरे नाम की जय कारे,

गम के बादल छट गए सारे,

हुई अमृत की बरसात दुनिया क्या जाने,

मैं तो तेरी हो गई मात दुनिया क्या जाने....

जब से ओढ़ी तेरे नाम की चुनरिया,

दुनिया कहे मैं तो हो गई रे बावरिया,

मैं नाचूं तेरे द्वार दुनिया क्या जाने,

मैं तो तेरी हो गई मात दुनिया क्या जाने....

जब से पहने तेरे नाम की कंगना,

कब आओगी मैया मेरे अंगना,

मैं तो देखूं तेरी बाट दुनिया क्या जाने,

मैं तो तेरी हो गई मात दुनिया क्या जाने....

जब से पहनी तेरे नाम की पायल,

नाचत नाचत मेरे पैर हुए घायल,

हुई चढ़ने में परेशान दुनिया क्या जाने,

मैं तो तेरी हो गई मात दुनिया क्या जाने....

तेरी हूं मैं तेरी रहूंगी,

दुनिया के बोल अब नहीं सहुगी,

मैंने छोड़ दिया संसार दुनिया क्या जाने,

मैं तो तेरी हो गई मात दुनिया क्या जाने....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।