हम तेरे दीवाने मैया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

चलो मैया के द्वार माँ ने याद किया,

चलो मैया के द्वार माँ ने याद किया,

हम तेरे दीवाने मैया हम तेरे दीवाने,

दर पे आने के हम तो ढूंढे नए बहाने,

हम तेरे दीवाने मैया हम तेरे दीवाने....

कभी कहें माँ ने टेलीफोन किया है,

कभी कहें माँ ने हमें याद किया है,

पागल हैं हम प्यार में तेरे कोई भी ना जाने,

हम तेरे दीवाने मैया हम तेरे दीवाने.....

कभी कहने माँ की हमें याद आई है,

कभी कहें माँ की हमें चिट्ठी आई है,

आने को तेरे दर पे मईया मिलते रहें बहाने,

हम तेरे दीवाने मैया हम तेरे दीवाने....

हर पल यही विनती करते हैं,

भूल ना जाना हम डरते हैं,

सुख चैन है पाया जबसे लगे हैं आने जाने,

हम तेरे दीवाने मैया हम तेरे दीवाने.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।