ना रोल श्यामा मैं रूल गईया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ना रोल श्यामा मैं रूल गईया,

तेरे नाल प्यार पाके भूल गईया,

दस्सो भक्तों मैं केहड़ा रोलेया,

मेरे नाल प्यार पाके केहड़ा डोलेया....

प्यार पाया सी मीरा बाई ने,

ओहदे जहरा बिच अमृत पाया मैं,

दस्सो भक्तों मैं केहड़ा रोलेया,

मेरे नाल प्यार पाके केहड़ा डोलेया....

प्यार पाया सी भिलनी माई ने,

झूठे बैरा दा भोग लगाया मैं,

दस्सो भक्तों मैं केहड़ा रोलेया,

मेरे नाल प्यार पाके केहड़ा डोलेया....

प्यार पाया सी द्रोपदी नारी ने,

ओहदी सभा बिच लाज बचाई मैं,

दस्सो भक्तों मैं केहड़ा रोलेया,

मेरे नाल प्यार पाके केहड़ा डोलेया....

प्यार पाया सी तन्ने भक्त ने,

ओहनू पत्थर च दर्श दिखाएं मैं,

दस्सो भक्तों मैं केहड़ा रोलेया,

मेरे नाल प्यार पाके केहड़ा डोलेया....

प्यार पाया सी राधा रानी ने,

ओहदे ह्रदय च डेरा लाया मैं,

दस्सो भक्तों मैं केहड़ा रोलेया,

मेरे नाल प्यार पाके केहड़ा डोलेया....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।