झुमन नाचन के दिन आए

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

झुमन नाचन के दिन आए,

हम सब है मंगल ये गाए,

नौरातों के दिन देखो ये,

वापस आए रे,

सिंह सवार हो आजा मैया,

बेटा बुलाए रे,

घर में तेरी मैया हम सब,

ज्योत जलाएं रे,

सिंह सवार हो आजा मैया,

बेटा बुलाए रे....

कष्टों की घडी है आई,

थामो आके माँ ये कलाई,

माँ बेटे का रिश्ता निभा दो,

यूँ ना मुझको तुम भुला दो,

दया की तुम हो मैया मूरत,

आके दिखा दो अपनी सूरत,

तेरा दर्शन पा के मेरा,

मन हर्षाए रे,

सिंह सवार हो आजा मैया,

बेटा बुलाए रे....

बच्चे जैसे है माँ तेरे,

अपने आँचल में हमें लेले,

माँ के जैसा नहीं है कोई,

किस्मत मेरी क्यों माँ सोइ,

आ के मैया मुझे सम्भालों,

यूँ ना दर से अपने टालो,

कइया मन में मेरा क्यों,

इतना घबराए रे,

सिंह सवार हो आजा मैया,

बेटा बुलाए रे.....

सुनले मेरी विनती माँ,

छुपके बैठी तू कहाँ,

‘राखी’ के घर की कुलदेवी,

पलभर भी ना कर अब देरी,

चरणों में तेरे चारो धाम,

रखना मैया मेरा मान,

चरणों की रज पाकर मैया,

नाचू गाऊं रे,

सिंह सवार हो आजा मैया,

बेटा बुलाए रे...

झुमन नाचन के दिन आए,

हम सब है मंगल ये गाए,

नौरातों के दिन देखो ये,

वापस आए रे,

सिंह सवार हो आजा मैया,

बेटा बुलाए रे,

घर में तेरी मैया हम सब,

ज्योत जलाएं रे,

सिंह सवार हो आजा मैया,

बेटा बुलाए रे……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।