जय काली महाकाली

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जय काली माँ जय काली माँ,

जय काली महाकाली माँ जय काली कल्याणी,

जय काली महाकाली माँ जय काली कल्याणी,

शिव की तुम हो भवानी माँ जय काली कल्याणी,

शिव की तुम हो भवानी माँ जय काली कल्याणी,

भक्तो पे पीड़ पड़ी रण में माँ कूद पड़ी,

भक्तो पे पीड़ पड़ी रण में माँ कूद पड़ी,

दानव मारे माँ ,

जय काली महाकाली माँ जय काली कल्याणी,

जय काली महाकाली माँ जय काली कल्याणी,

माँ माँ माँ....

नैनो में अंगारे माँ के रूप धरा माँ ने विकराल,

रूप धरा माँ ने विकराल,

रूप भयंकर है काली का काल भी माँ से घबराया,

काल भी माँ से घबराया,

रण में माँ नाच रही दुष्टो को मार रही,

रण में माँ नाच रही दुष्टो को मार रही,

नाच रही महारानी,

जय काली महाकाली माँ जय काली कल्याणी,

जय काली महाकाली माँ जय काली कल्याणी.....

रक्तबीज के शीश काट के कुंडा भर गया लाल ही लाल ,

कुंडा भर गया लाल ही लाल,

मधु केटभ को पल में माँ मारी शुम्भ निशुम्भ संघारी माँ,

शुम्भ निशुम्भ संघारी माँ,

चण्ड मुण्ड काट रही महिसासुर मार रही,

चण्ड मुण्ड काट रही महिसासुर मार रही,

माँ चामुंडा भवानी,

जय काली महाकाली माँ जय काली कल्याणी,

जय काली महाकाली माँ जय काली कल्याणी,

माँ माँ माँ.....

रूप भयंकर है काली का आये शम्भु भोले नाथा,

आये शम्भु भोले नाथा,

शांत भयी जगदम्बा भवानी जग को तारे काली माँ,

जग को तारे काली माँ,

संकट को काट रही विपदा को टाल रही,

संकट को काट रही विपदा को टाल रही,

माँ जगदम्बे भवानी,

जय काली महाकाली माँ जय काली कल्याणी,

जय काली महाकाली माँ जय काली कल्याणी....

भक्तो पे पीड़ पड़ी रण में माँ कूद पड़ी,

भक्तो पे पीड़ पड़ी रण में माँ कूद पड़ी,

दानव मारे माँ,

जय काली महाकाली माँ जय काली कल्याणी,

जय काली महाकाली माँ जय काली कल्याणी,

जय काली महाकाली माँ जय काली कल्याणी,

शिव की तुम हो भवानी माँ जय काली कल्याणी,

शिव की तुम हो भवानी माँ जय काली कल्याणी,

जय काली महाकाली माँ जय काली कल्याणी……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।