ये तो प्रेम की बात है उधो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ये तो प्रेम की बात है उधो,

बंदगी तेरे बस की नहीं है,

यहाँ सर देके होते सौदे,

आशिकी इतनी सस्ती नहीं है।।

प्रेम वालों ने कब वक्त पूछा,

उनकी पूजा में सुन ले ए उधो,

यहाँ दम दम में होती है पूजा,

सर झुकाने की फुर्सत नहीं है,

ये तो प्रेम की बात है उधो।।

जो असल में हैं मस्ती में डूबे,

उन्हें क्या परवाह ज़िन्दगी की,

जो उतरती है चढ़ती है मस्ती,

वो हकीकत में मस्ती नहीं है,

ये तो प्रेम की बात है उधो।।

जिसकी नजरो में है श्याम प्यारे,

वो तो रहते हैं जग से न्यारे,

जिसकी नज़रों में मोहन समाये,

वो नज़र फिर तरसती नहीं है,

ये तो प्रेम की बात है उधो।।

ये तो प्रेम की बात है उधो,

बंदगी तेरे बस की नहीं है,

यहाँ सर देके होते सौदे,

आशिकी इतनी सस्ती नहीं है।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।