होठों पर आ गया तेरा नाम दातिये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

होठो पर आ गया है तेरा नाम दातिए,

होठो पर आ गया है तेरा नाम दातिए ,

महिमा बरस रही है महिमा बरस रही है,

सुबह शाम दातिए दातिए ,

होठो पर आ गया है तेरा नाम दातिए,

तेरा नाम दातिए....

तेरी ज्योत मै जगाऊँ गुणगान तेरे गाऊं,

तेरी ज्योत मै जगाऊँ गुणगान तेरे गाऊं ,

हे शारदा भवानी क्षण क्षण तुम्हे मनाऊ,

हे शारदा भवानी क्षण क्षण तुम्हे मनाऊ,

तेरे चरणों में मेरे माँ तेरे चरणों में मेरे माँ ,

चारो धाम दातिए दातिए ,

होठो पर आ गया है तेरा नाम दातिए ,

तेरा नाम दातिए....

मुझको सता रही है दुनिया की मोह माया ,

मुझको सता रही है दुनिया की मोह माया ,

पल पल चुका रहा हूँ हर सांस का किराया ,

पल पल चुका रहा हूँ हर सांस का किराया,

एक पल को भी नहीं है एक पल को भी नहीं है ,

आराम दातिए दातिए दातिए ,

होठो पर आ गया है तेरा नाम दातिए ,

तेरा नाम दातिए....

कण कण में तुम समायी कण कण में वास तेरा ,

कण कण में तुम समायी कण कण में वास तेरा ,

अर्जी लगा रहा है चरणों में दास तेरा ,

अर्जी लगा रहा है चरणों में दास तेरा ,

बिगड़े हुए बना दे बिगड़े हुए बना दे,

मेरे काम दातिए दातिए ,

होठो पर आ गया है तेरा नाम दातिए ,

तेरा नाम दातिए....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।