मैया जी का टाइगर

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ....

मैया जी का टाइगर घूमे जम्मू की नगरिया,

हाँ मैया जी का टाइगर घूमे जम्मू की नगरिया,

मैया जी का टाइगर घूमे जम्मू की नगरिया,

हाँ उस पर बैठी महारानी तीनो लोको की रानी,

वरदानी माँ रानी माँ,

मैया जी का टाइगर घूमे जम्मू की नगरिया,

मैया जी का टाइगर घूमे जम्मू की नगरिया,

उस पर बैठी महारानी तीनो लोको की रानी,

वरदानी माँ रानी माँ,

मैया जी का टाइगर घूमे जम्मू की नगरिया हो……..

घूम रहे देखो जंगल के राजा बैठी है मैया शेर पर,

भाग रहे सारे असुर निशाचर शेरोवाली को देखकर ,

देख लो झांकी दुर्गा माँ की देख लो झांकी दुर्गा माँ की ,

सिंह पे आयी मैया बैठकर ये है वरदानी कल्याणी माँ भवानी

ये है वरदानी कल्याणी माँ भवानी बैठी महारानी,

तीनो लोको की रानी वरदानी माँ रानी माँ,

मैया जी का टाइगर घूमे जम्मू की नगरिया हो……..

आदि शक्ति माँ शेर पे साजै कालो की है काल माँ,

चतुर्भुजी माँ अष्ट भुजी माँ काल की चढ़े टपाल माँ ,

रक्त बीज और चण्ड मुण्ड का रक्त बीज और चण्ड मुण्ड का ,

तूने बनाया मुण्ड माल माँ देवो ने बखानी है कहानी माँ भवानी,

देवो ने बखानी है कहानी माँ भवानी देखो माँ भवानी बैठी महारानी,

तीनो लोको की रानी,वरदानी माँ रानी माँ,

मैया जी का टाइगर घूमे जम्मू की नगरिया हो……..

करुणामयी माँ ममतामयी माँ माँ की अलग हर बात है,

जिसने भी माँ को दिल से पुकारा मायी उसी के साथ है ,

उसकी ना पूछो जिसके सर पे उसकी ना पूछो जिसके सर पे,

महारानी का हाथ है ज्योत से नूरानी,मैया जाये पहचानी

ज्योत से नूरानी,मैया जाये पहचानी देखो बैठी महारानी,,

तीनो लोको की रानी वरदानी माँ रानी माँ ,

मैया जी का टाइगर घूमे जम्मू की नगरिया हो……..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।