माँ का ध्यान लगाओ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ का ध्यान लगाओ,

सब संकट मिट जाएंगे,

तुम माँ का ध्यान लगाओ,

सब संकट मिट जाएंगे,

चरणों में शीश झुकाओ,

चरणों में शीश झुकाओ,

ओ सब संकट मिट जाएंगे,

माँ का ध्यान लगाओ.....

मन ही मन में माँ के नाम का,

सुमिरन करते रहना,

सब कष्टो को दूर करो माँ,

हाथ जोड़ कर कहना,

तुम मन से अर्जी लगाओ,

तुम मन से अर्जी लगाओ,

ओ सब संकट मिट जाएंगे,

माँ का ध्यान लगाओ.....

शक्तिशाली नाम मैया का,

मन शीतल कर देता,

खाली झोली पल भर में ही,

खुशियों से भर देता,

तुम जय माँ जय माँ बुलाओ,

तुम जय माँ जय माँ बुलाओ,

ओ सब संकट मिट जाएंगे,

माँ का ध्यान लगाओ.....

अंग संग रहती अम्बे मैया ,

करती सबके काम है,

जिन आंखों में बहते आंसू,

करती वो मुस्कान है,

तुम सच्ची ज्योत जगाओ,

तुम सच्ची ज्योत जगाओ,

ओ सब संकट मिट जाएंगे,

माँ का ध्यान लगाओ.....

सच्चे मन से की गई विनती,

करती माँ स्वीकार है,

सब भक्तो का शेरोंवाली,

करती बेड़ा पार है,

नित माँ की महिमा गाओ,

नित माँ की महिमा गाओ,

ओ सब संकट मिट जाएंगे,

माँ का ध्यान लगाओ.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।