चले हनुमान मेरे आये , श्रीराम जी की धूम मचाये :

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

चले हनुमान मेरे आये , श्रीराम जी की धूम मचाये :

चले हनुमान मेरे आये ,

श्रीराम जी की धूम मचाये II

धूम मचाये , ऐसी धूम मचाये ,

धूम मचाये , ऐसी धूम मचाये ,

सुनकर आये रघुराई ,श्रीराम जी की धूम मचाये II

चले हनुमान मेरे आये ,

श्रीराम जी की धूम मचाये II

महाबीर बिनववु हनुमाना ,

रामजासु जश आप बखाना ,

मुझे चरणों का दास बनाये,

श्रीराम जी की धूम मचाये ,

चले हनुमान मेरे आये ,

श्रीराम जी की धूम मचाये II

मंगल मूरति मारुत नंदन ,

सकल अमंगल मूल निकंदन ,

मेरे सोये भाग्य जगाये,

श्रीराम जी की धूम मचाये ,

चले हनुमान मेरे आये ,

श्रीराम जी की धूम मचाये II

सुमिरि पवनसुत पावन नामु ,

अपने बस करि राखै रामु ,

भक्ति का डंका बजाये ,

श्रीराम जी की धूम मचाये ,

चले हनुमान मेरे आये ,

श्रीराम जी की धूम मचाये II

भजन रचना : ज्योति नारायण पाठक

(९५९८०५०५५१)

वाराणसी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।