माँ की हर बात निराली

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

( अमीर की सून ती है गरीब की सूनती हैं,

दुखिया तन के संग संग सुखिया मन की सुनती है,

मां तो आखिर मां है मां के भक्तों मां तो हर मजबूर की सुनती है। )

जय जय जय जय जय माता दी..

मां की हर बात निराली है,

मां की हर बात निराली है,

मां की हर बात निराली है,

मां की हर बात निराली है,

हो… बात निराली है जग से रीत निराली है,

मां की हर बात निराली है,

महादाती से सबको मिली सौगात निराली है,

मां की हर बात निराली है,

मां की हर बात निराली है....

समय की चाल बदले,

जय हो

लोगो के जंजाल बदले,

जय हो

जो भी झुकते चरणों में,

जय हो

उनके हालात बदले,

जय हो

यहां पर जो आए सवाली,

जय हो

कभी जाए ना वो खाली,

जय हो

यह लाती पतझड़ में भी,

जय हो

हर चमान में हरियाली,

हर चमन में हरियाली,

ओ… काली रातों में लाती प्रभात निराली है, मां की हर बात निराली है,

मां की हर बात निराली है,

मां की हर बात निराली है,

मां की हर बात निराली है....

दया जब इसकी होती,

जय हो

जागे पानी में ज्योति,

जय हो

जिसे यह आप जगाए,

जय हो

ना फिर किस्मत वो सोती,

जय हो

दुखों से घिरने वाले,

जय हो

बड़े इस मां ने संभाले,

जय हो

फंसे मजेदार में बेढे,

जय हो

इसी में बाहर निकाले,

इसी में बाहर निकाले,

ओ… इसकी मीठी ममता कि सौगात निराली है मां की हर बात निराली है,

मां की हर बात निराली है,

मां की हर बात निराली है,

मां की हर बात निराली है....

दुख काटती है यह सुख बात की है यह हमें पालती है यह दिन रात ही,

जय हो-जय हो-जय हो-जय हो-जय हो- जय हो...

तेरी अजब है माया क्या खेल रचाया, तूने पल में हसांया दिन रात ही,

तूने पल में हसांया दिन रात ही,

ओ…. इसके चरणों में बीती हर रात निराली है मां की हर बात निराली है,

मां की हर बात निराली है,

मां की हर बात निराली है,

मां की हर बात निराली है,

हो बात निराली है जगत से रीत निराली है, मां की हर बात निराली है,

मां की हर बात निराली है,

मां की हर बात निराली है,

मां की हर बात निराली है,

मां की हर बात निराली है,

मां की हर बात निराली है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।