शेर राजा मोरे शेर राजा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

शेर राजा मोरे शेर राजा मियाँ ले आते शेर राजा,

बिनती हमारी है मर्जी तुम्हारी एक बार दरस दिखा जा,

बेठे है कब सेनैन विछाये माँ के दरस की आस लगाये,

जन्मो की प्यास बुजा जा,आजा शेर राजा मोरे शेर राजा.....

तुमको माँ ने दुनिया सारी करती है मियाँ शेर सवारी,

सुरतिया प्यारी दिखा जा,आजा शेर राजा मोरे शेर राजा......

बेदर्दी तोहे दर्द न आवे काहे को हमारो जी तद्पावे,

प्रीत की रीत निभा जा आजा शेर राजा मोरे शेर राजा........

पांडा बाबा दरवार पर आके खड़े है पूजन थाल सजाके,

महरिया में माँ को बिठा जा आजा शेर राजा मोरे शेर राजा..............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।