भजामि शंकराय नमामि शंकराय

लखबीर सिंह लक्खा
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भजामि शंकराय, नमामि शंकराय,

त्रिलोचनाय शूलपाणी चंद्र शेखराय,

हर हर बम, बम शिव भोले...

भजामि शंकराय, नमामि शंकराय,

त्रिलोचनाय शूलपाणी चंद्र शेखराय,

हर हर बम, बम शिव भोले,

हर हर बम, बम शिव भोले......

अनाथों के हो नाथ तुम,

दुखी जनों के साथ तुम,

लो थाम मेरा हाथ तुम,

कहाँ हो भोले नाथ तुम,

भजामि शंकराय, नमामि शंकराय,

त्रिलोचनाय शूलपाणी चंद्र शेखराय,

हर हर बम, बम शिव भोले,

हर हर बम, बम शिव भोले……..

अनंत हो विशाल हो,

असीम शिव दयाल हो,

करो जो कृपा की कोर जो,

तो दीन भी निहाल हो,

भजामि शंकराय, नमामि शंकराय,

त्रिलोचनाय शूलपाणी चंद्र शेखराय,

हर हर बम, बम शिव भोले,

हर हर बम, बम शिव भोले……

शरण में लो, उबार दो,

जनम मेरा सुधार दो,

दया करो, दया करो,

मुझे भी नाथ तार दो,

भजामि शंकराय, नमामि शंकराय,

त्रिलोचनाय शूलपाणी चंद्र शेखराय,

हर हर बम, बम शिव भोले,

हर हर बम, बम शिव भोले…….

भजामि शंकराय, नमामि शंकराय,

त्रिलोचनाय शूलपाणी चंद्र शेखराय,

हर हर बम, बम शिव भोले,

भजामि शंकराय, नमामि शंकराय,

त्रिलोचनाय शूलपाणी चंद्र शेखराय,

हर हर बम, बम शिव भोले,

हर हर बम, बम शिव भोले…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।