जय साई की बोलिये

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जय जय साईराम जय जय साईराम

जय जय साईराम जय जय साईराम

जब भी आँखें मूंदिये जब भी आँखें खोलिये,

जय साई की बोलिये जय साई की बोलिये,

जब भी आँखें मूंदिये जब भी आँखें खोलिये,

जय साई की बोलिये जय साई की बोलिये,

जय जय साई बोलिये जय जय साई बोलिये,

जय जय साई बोलिये जय जय साई बोलिये,

जब भी आँखें मूंदिये जब भी आँखें खोलिये,

जय साई की बोलिये जय साई की बोलिये.....

जय जय साई जय जय साई जय जय साई जय जय साई

जय जय साई जय जय साई जय जय साई जय जय साई

जो साई की जय बोले वो आगे बढ़ते जाते है,

जय जय साई कहने से साई विजय दिलाते है,

जय जय साईराम जय जय साईराम,

अपनी भक्ति तोलिये जय साई की बोलिये,

जय साई की बोलिये जय साई की बोलिये,

जय जय साई बोलिये जय जय साई बोलिये,

जय जय साई बोलिये जय जय साई बोलिये,

जय जय साईराम जय जय साईराम,

जय जय साईराम जय जय साईराम.....

जयकारा मेरे साई का सीधा शिरडी जाता है,

सीधा शिरडी जाता है सीधा शिरडी जाता है,

सुनकर भक्तो का जयकारा साई उन्हें बुलाता है,

साई उन्हें बुलाता है साई उन्हें बुलाता है,

यदि साई के हो लिये तो जय साई की बोलिये,

जय साई की बोलिये जय साई की बोलिये,

जय जय साई बोलिये जय जय साई बोलिये,

जय जय साई बोलिये जय जय साई बोलिये....

जय जय साई जय जय साई जय जय साई जय जय साई,

जय जय साई जय जय साई जय जय साई जय जय साई,

इसके दर पे ना राजा ना रंक कोई राजेंद्र है,

ये प्रतीक है सर्व धर्म का धर्मराज धर्मेंद्र है,

जय जय साईराम जय जय साईराम,

जगह जगह मत डोलिये जय साई की बोलिये,

जय जय साई बोलिये जय जय साई बोलिये,

जय जय साई बोलिये जय जय साई बोलिये,

जय जय साई बोलिये जय जय साई बोलिये,

जय जय साईराम जय जय साईराम,

जय जय साईराम जय जय साईराम.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।