ओ मुरली वाले मोहन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ मुरली वाले मोहन,

मुरली तो फिर बजाना,

हरदम सताया करती है,

बरसो की बरसो बीत गई,

तेरी याद आया करती है।

ओ मुरली वाले सांवरे,

नेक मुरली फेर बजा,

तेरी मुरली ने मेरो मन हर्यो,

मोहे घर अंगना ना सुहाए।

ओ मुरली वाले मोहन,

मुरली तो फिर बजाना,

वो प्यारी प्यारी सूरत,

आकर के तुम दिखाना,

ओ मुरली वालें मोहन,

मुरली तो फिर बजाना……..

रोते है बाल सारे,

तेरी रास्ता निहारे,

दीवाने तेरे प्यार के,

अपना इन्हे बनाना,

ओ मुरली वालें मोहन,

मुरली तो फिर बजाना……..

आती है याद हरदम,

आ जाओ मेरे प्यारे,

अब दर्श तुम करा दो,

देरी ना फिर लगाना,

ओ मुरली वालें मोहन,

मुरली तो फिर बजाना……..

‘दीपक’ है अज्ञानी,

बन जाओ तुम सहारा,

अब रख लो लाज मेरी,

हमको ना तुम भुलाना,

ओ मुरली वालें मोहन,

मुरली तो फिर बजाना………

ओ मुरली वालें मोहन,

मुरली तो फिर बजाना,

वो प्यारी प्यारी सूरत,

आकर के तुम दिखाना,

ओ मुरली वालें मोहन,

मुरली तो फिर बजाना…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।