आये माँ के नवरात्रे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जयकारा शेरावाली दा बोल सांचे दरबार की

जय…..

ओ घर घर ज्योत जगी मैया की आये माँ के नवरात्रे,

घर घर ज्योत जगी मैया की आये माँ के नवरात्रे,

प्यारी माँ भोली माँ रानी माँ अम्बे माँ,

प्यारी माँ भोली माँ रानी माँ अम्बे माँ,

ओ देखो बाज उठी शहनाई हो रहे माँ के जगरात्रे,

घर घर ज्योत जगी मैया की आये माँ के नवरात्रे,

प्यारी माँ भोली माँ रानी माँ अम्बे माँ,

प्यारी माँ भोली माँ रानी माँ अम्बे माँ,

ओ घर घर ज्योत जगी मैया की आये माँ के नवरात्रे,

घर घर ज्योत जगी मैया की आये माँ के नवरात्रे,

बोल सांचे दरबार की,

जय जय माता की जय माता की जय माता की जय माता की....

सिंह सवारी बैठी माता सजी है माँ की चौकी,

सजी है माँ की चौकी,

प्रेम भाव से देती मैया जिसकी इच्छा जैसी,

जिसकी इच्छा जैसी,

हो सिंह सवारी बैठी माता सजी है माँ की चौकी,

प्रेम भाव से देती मैया जिसकी इच्छा जैसी,

प्रेम भाव से देती मैया जिसकी इच्छा जैसी,

ओ नवरात्रो में नौ दिन माँ को माँ के भक्त है बिठलाते,

घर घर ज्योत जगी मैया की आये माँ के नवरात्रे....

लाल है चोला लाल चुनरिया लाल भवन तेरा चमके,

लाल भवन तेरा चमके,

लाल सिंघासन बैठी माता हाथो में मुंदरी दमके,

हाथो में मुंदरी दमके,

हो लाल है चोला लाल चुनरिया लाल भवन तेरा चमके,

लाल सिंघासन बैठी माता हाथो में मुंदरी दमके,

लाल सिंघासन बैठी माता हाथो में मुंदरी दमके,

ओ सारे नच नच माँ को मनाते बस माँ तेरे ही गुण गाते,

घर घर ज्योत जगी मैया की आये माँ के नवरात्रे....

ध्यानु तारे श्री धर तारे अब है हमारी बारी,

माँ अब है हमारी बारी,

भक्तो के मन बसी हुई माँ तेरी सूरत प्यारी,

तेरी सूरत प्यारी,

जो ध्यानु तारे श्री धर तारे अब है हमारी बारी,

भक्तो के मन बसी हुई माँ तेरी सूरत प्यारी,

भक्तो के मन बसी हुई माँ तेरी सूरत प्यारी,

हो बन गए संजय पुजारी तेरा उत्सव माँ तेरी ज्योत जगाके,

घर घर ज्योत जगी मैया की आये माँ के नवरात्रे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।