तोरी बगिया में आम की डाल

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तोरी बगिया में आम की डाल,

कोयल बोले कुहू कुहू,

तोरी बगिया में आम की डाल,

कोयल बोले कुहू कुहू....

बगिया में मईया आसान लागो,

आसन बैठो आन,

कोयल बोले कुहू कुहू,

तोरी बगिया में आम की डाल....

बाग में भोजन थाल लगी है,

जेबो जेबो आन,

कोयल बोले कुहू कुहू,

तोरी बगिया में आम की डाल....

बाग में तोरी दुखिया बैठे,

विनती सुनलो आन,

कोयल बोले कुहू कुहू,

तोरी बगिया में आम की डाल....

"राजेंद" भेंट लये ठाड़े हैं,

भेंट लो जल्दी आन,

कोयल बोले कुहू कुहू,

तोरी बगिया में आम की डाल.....

गीतकार/गायक-राजेंद्र प्रसाद सोनी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।