तू तो ममता लूटाने वाली हैं

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तू तो दाती है मां कहाती है,

रहम और करम कर दे इंतजार मुझे,

ठोकरो में जमाने की जिया,

खूब रोया हूं कर मां प्यार मुझे,

तेरे होते क्यों झोली खाली है मां,

तू तो ममता लुटाने वाली है मां,

तेरे होते क्यों झोली खाली है मां,

तू तो ममता लुटाने वाली है मां,

तेरे होते क्यों झोली खाली है मां,

तू तो ममता लुटाने वाली है मां.....

तमन्ना ये लेकर जो भी आ गए,

तमन्ना ये लेकर जो भी आ गए,

तेरे दर से ना मैया वो खाली गए,

तेरे दर से ना मैया वो खाली गए,

सारे संसार की वो खुशी पा गए,

सारे संसार की वो खुशी पा गए,

तुम्हारी ही कृपा से मां जहां में खुशहाली है,

किया है क्या कुसूर काहे मेरी झोली खाली है,

किया है क्या कुसूर काहे मेरी झोली खाली है,

क्यों मेरी झोली खाली है,

तू तो ममता लुटाने वाली है मां,

तू तो ममता लुटाने वाली है मां,

तू तो ममता लुटाने वाली है मां,

तेरे होते क्यों झोली खाली है मां,

तू तो ममता लुटाने वाली है मां.....

बनाओगे जैसा मैं बन जाऊंगा,

बनाओगे जैसा मैं बन जाऊंगा,

मुझे जैसे रखोगे रह जाऊंगा,

मुझे जैसे रखोगे रह जाऊंगा,

सुबह शाम में तेरे गुण गाऊंगा,

सुबह शाम में तेरे गुण गाऊंगा,

तू काली है कामाख्या तू ही तू ही ज्योतावाली है,

तू ब्रह्माणी तू रुद्राणी तू ही तो मां कल्याणी है,

तू ब्रह्माणी तू रुद्राणी तू ही तो मां कल्याणी है,

तू ही तो मां कल्याणी है,

तू तो ममता लुटाने वाली है मां,

तू तो ममता लुटाने वाली है मां,

तू तो ममता लुटाने वाली है मां,

शेरा वाली मेहरा वाली लाटा वाली ज्योतावाली,

शेरा वाली मेहरा वाली लाटा वाली ज्योतावाली,

प्यार लुटाती है लूटाती है लूटाती है तू मां लुटाती है तू मां,

मा ममता लूटाने वाली है मां,

तू तो ममता लुटाने वाली है मां,

तेरे होते क्यों झोली खाली है मां,

तू तो ममता लुटाने वाली है मां,

शेरा वाली मेहरा वाली लाटा वाली ज्योतावाली,

ए मेरी मां मेरी मां शेरावाली मां,

शेरा वाली मेहरा वाली जोता वाली लाटावाली,

ए मेरी मैया शेरावाली मां तू तो ममता लूटाने वाली है मां,

मेरी मां शेरावाली मां,

शेरा वाली मेहरा वाली जोता वाली लाटावाली,

ए मेरी मैया शेरावाली मां,

तू तो ममता लूटाने वाली है मां,

तू तो ममता लूटाने वाली है मां,

प्यार लुटाती है लुटाती है लुटाती है तू मां लुटाती है तू मां,

तू तो ममता लूटाने वाली है मां,

तू तो ममता लूटाने वाली है मां....

आशा जगने लगी है भोर होने लगी है,

फूल खिलने लगे हैं मेहर सी होने लगी है,

आशा जगने लगी है भोर होने लगी है,

फूल खिलने लगे हैं मेहर सी होने लगी है,

सपने सजने लगे हैं सच्ची यह लगने लगे हैं,

जो भी थे गैर मुझे अब अपने वो लगने लगे हैं,

कोरस:- सपने सजने लगे हैं सच्ची यह लगने लगे हैं,

जो भी थे गैर मुझे अब अपने वो लगने लगे हैं,

तेरा शुक्रिया मां तेरा शुक्रिया,

तेरा शुक्रिया मां तेरा शुक्रिया,

इस ना चीज पर मां कर्म जो,

इस ना चीज पर मां कर्म जो,

ना भूलूंगा जो प्यार तूने दिया,

ना भूलूंगा जो प्यार तूने दिया,

तेरा शुक्रिया मां तेरा शुक्रिया,

तेरा शुक्रिया मां तेरा शुक्रिया,

मां लहरी की झोली में तुझी से खुशहाली है,

दिवाली है दिवाली मां तुझी से खुशहाली है,

दिवाली है दिवाली मां तुझी से खुशहाली है,

तुझी से खुशहाली है,

तू तो ममता लूटाने वाली है मां,

तू तो ममता लूटाने वाली है मां,

तू तो ममता लूटाने वाली है मां,

तू तो ममता लूटाने वाली है मां,

तू तो ममता लूटाने वाली है मां,

शेरावाली तू मेहरा वाली है मां,

तू तो ममता लूटाने वाली है मां,

तू तो ममता लूटाने वाली है मां.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।