मैनूं याद श्याम दी आई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

डाली उत्ते डाली उत्ते फूल खिड़ेया मैनूं याद श्याम दी आई,

याद श्याम दी आई मैंनूं याद श्याम दी आई,

डाली उत्ते डाली उत्ते फूल खिड़ेया मैनूं याद श्याम दी आई....

श्याम मेरे ने महल बनाया,

मोरी उत्ते मोरी उत्ते नाम लिखेया मैनूं याद श्याम दी आई,

याद श्याम दी आई मैंनूं याद श्याम दी आई,

डाली उत्ते डाली उत्ते फूल खिड़ेया मैनूं याद श्याम दी आई....

श्याम मेरे ने बाग लगाए,

डाली उत्ते डाली उत्ते नाम लिखेया मैनूं याद श्याम दी आई,

याद श्याम दी आई मैंनूं याद श्याम दी आई,

डाली उत्ते डाली उत्ते फूल खिड़ेया मैनूं याद श्याम दी आई....

श्याम मेरे ने सड़कां बणाईयां,

मोड़ा उत्ते मोड़ा उत्ते नाम लिखेया मैनूं याद श्याम दी आई,

याद श्याम दी आई मैंनूं याद श्याम दी आई,

डाली उत्ते डाली उत्ते फूल खिड़ेया मैनूं याद श्याम दी आई....

श्याम मेरे ने ताल बणांए,

पौड़ी उत्ते पौड़ी उत्ते नाम लिखेया मैनूं याद श्याम दी आई,

याद श्याम दी आई मैंनूं याद श्याम दी आई,

डाली उत्ते डाली उत्ते फूल खिड़ेया मैनूं याद श्याम दी आई....

श्याम मेरे ने लंगर लगाया,

पूरी उत्ते पूरी उत्ते नाम लिखेया मैनूं याद श्याम दी आई,

याद श्याम दी आई मैंनूं याद श्याम दी आई,

डाली उत्ते डाली उत्ते फूल खिड़ेया मैनूं याद श्याम दी आई....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।