महारानी मेरे घर आयी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

घर आयी महारानी मेरे घर आयी महारानी,

मैंने श्रद्धा से ज्योत जगाई महारानी मेरे घर आयी,

महारानी मेरे घर आयी, महारानी मेरे घर आयी,

मैंने श्रद्धा से ज्योत जगाई महारानी मेरे घर आयी.....

तेरे दिन छाया था अँधेरा रोशन कर दिया जीवन मेरा,

दुब रही थी जीवन नैया मिल ना रहा था कोई खिवैया,

मेरी नैया है पार लगाई महारानी मेरे घर आयी,

मैंने श्रद्धा से ज्योत जगाई महारानी मेरे घर आयी....

जनम जनम से आस लगी थी तेरे दरश की प्यास लगी थी,

आकर संकट दूर किया है माँ ने ये उपकार किया है,

मैं तो घर घर में बायतु मिठाई महारानी मेरे घर आयी,

मैंने श्रद्धा से ज्योत जगाई महारानी मेरे घर आयी....

दामन खुशियों से भर डाला ऐसी है मेरी मात ज्वाला,

द्वार तेरा में ना छोडूंगा झूठे बंधन सब तोडूंगा,

मेरे मन में है तू ही समायी महारानी मेरे घर आयी,

मैंने श्रद्धा से ज्योत जगाई महारानी मेरे घर आयी....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।